chittaurgarh जिले में कुल 2,707 स्कूल: 2,003 सरकारी स्कूल और 704 प्राइवेट स्कूल 11 ब्लॉकों में फैले हैं
chittaurgarh जिला (rajasthan) में कुल 2,707 पंजीकृत स्कूल संचालित हैं जो 11 प्रशासनिक ब्लॉकों और 1,416+ गाँवों/शहरी वार्डों में फैले हैं। जिले में लगभग 2,003 सरकारी और स्थानीय निकाय स्कूल संचालित हैं, जहाँ निःशुल्क शिक्षा, मुफ्त पाठ्यपुस्तकें और PM POSHAN मध्याह्न भोजन प्रदान किया जाता है। साथ ही लगभग 704 निजी सहायता प्राप्त एवं गैर-सहायता प्राप्त स्कूल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।
जिले की साक्षरता दर सकारात्मक है। अपने क्षेत्र के नजदीकी स्कूल को खोजने के लिए, ऊपर दी गई सूची में से अपने ब्लॉक का चयन करें और अपने गाँव/वार्ड के सभी पंजीकृत स्कूलों को देखें।
RTE अधिनियम की धारा 12(1)(c) के अनुसार, chittaurgarh जिले के सभी निजी स्कूलों में प्रवेश स्तर की कक्षा (Nursery / KG / Class 1) में 25% सीटें गरीब एवं वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित हैं। इन सीटों पर प्रवेश के लिए आवेदन राज्य शिक्षा विभाग के आधिकारिक आरटीई पोर्टल पर मार्च-अप्रैल में ऑनलाइन आमंत्रित किए जाते हैं।
स्कूलों के निरीक्षण, शिक्षक उपस्थिति, छात्रवृत्ति सत्यापन और प्रवेश संबंधी शिकायतों के लिए प्रत्येक ब्लॉक के BEO (Block Education Officer) तथा जिला स्तर पर BSA/DEO कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है।
chittaurgarh (rajasthan) में UDISE+ रिकॉर्ड के अनुसार लगभग 2,003 सरकारी स्कूल (Government & Local Body Schools) कार्यरत हैं। इन स्कूलों में मुफ्त शिक्षा, पाठ्यपुस्तकें और मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जाता है।
chittaurgarh जिले में लगभग 704 प्राइवेट स्कूल (Private Unaided & Recognized Schools) संचालित हैं। RTE अधिनियम के तहत इनमें कक्षा 1 में 25% सीटें मुफ्त आरक्षित होती हैं।
chittaurgarh जिले में UDISE+ के अंतर्गत कुल 2,707 स्कूल और 11 ब्लॉक हैं। अपने गाँव और स्कूलों को देखने के लिए ऊपर दी गई सूची में से किसी भी ब्लॉक पर क्लिक करें।
chittaurgarh जिले के लिए साक्षरता दर का डेटा उपलब्ध नहीं है।
सबसे पहले ऊपर दी गई सूची से अपने ब्लॉक पर क्लिक करें। ब्लॉक पृष्ठ पर उस ब्लॉक के सभी गाँवों की सूची दिखाई देगी। अपने गाँव पर क्लिक करके आप वहाँ के सभी पंजीकृत स्कूलों की सूची UDISE कोड के साथ देख सकते हैं।
हाँ। शिक्षा के अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत, सभी निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों को अपनी प्रवेश कक्षा (नर्सरी या कक्षा 1) में 25% सीटें पड़ोस के आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित समूहों के बच्चों के लिए मुफ्त आरक्षित रखनी होती हैं।